
Two-Wheeler Assistance Scheme for Persons with Disabilities दिव्यांग व्यक्तियों को स्कूटर या टू-व्हीलर खरीदने के लिए आर्थिक सहायता प्रदान करती है। इस योजना में पात्रता, आवश्यक दस्तावेज़, सब्सिडी राशि और ऑनलाइन/ऑफ़लाइन आवेदन प्रक्रिया की पूरी जानकारी शामिल है।
टू-व्हीलर सहायता योजना
दिव्यांगजन को आत्मनिर्भर बनाने और उनकी आवाजाही आसान करने के लिए सरकार द्वारा कई योजनाएँ चलाई जाती हैं। उन्हीं में से एक है “विकलांग Two-Wheeler Assistance Scheme”, जिसके तहत पात्र दिव्यांग व्यक्तियों को स्कूटर/टू-व्हीलर खरीदने के लिए आर्थिक सहायता प्रदान की जाती है। यह योजना विशेष रूप से उन लोगों के लिए बहुत उपयोगी है जिनकी गतिशीलता (Mobility) सीमित है और जिन्हें नियमित आवागमन में मुश्किल होती है।
अगर इस (Two-Wheeler Assistance Scheme) स्कीम के तहत बेनिफिशियरी को मिला इलेक्ट्रिक स्कूटर खराब हो जाता है, तो पांच साल बाद, अगर वह स्कीम का फायदा पाने के लिए एलिजिबल है, तो वह दोबारा स्कीम का फायदा पाने के लिए अप्लाई कर सकेगा।
जिस दिव्यांग व्यक्ति को इस स्कीम के तहत फायदा मिल चुका है, वह इसके बाद दिव्यांग साधन सहाय (Two-Wheeler Assistance Scheme) योजना का फायदा पाने के लिए एलिजिबल नहीं होगा।
दिव्यांग (Two-Wheeler Assistance Scheme) व्यक्ति के पास सोशल सिक्योरिटी डिपार्टमेंट से जारी किया गया डिसेबल्ड आइडेंटिटी कार्ड होना चाहिए।
विकलांग टू-व्हीलर सहायता योजना क्या है?
विकलांग Two-Wheeler Assistance Scheme के तहत सरकार दिव्यांग व्यक्तियों को इलेक्ट्रिक स्कूटर या पेट्रोल स्कूटर खरीदने पर आर्थिक सहायता (सब्सिडी) प्रदान करती है।
कुछ राज्यों में यह (Two-Wheeler Assistance Scheme) सहायता ₹25,000 तक दी जाती है, जबकि कुछ जगहों पर अनुकूलित (Modified) स्कूटर पर अतिरिक्त लाभ भी मिलता है।
योजना का उद्देश्य
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दिव्यांगजनों की गतिशीलता (mobility) बढ़ाना
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उन्हें स्वावलंबी बनाना
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नौकरी, शिक्षा, व्यवसाय तथा दैनिक गतिविधियों में सुविधा प्रदान करना
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इलेक्ट्रिक वाहनों को बढ़ावा देना

पात्रता (Eligibility)
इस (Two-Wheeler Assistance Scheme) योजना का लाभ उन्हीं व्यक्तियों को मिलता है जो निम्न मानदंडों को पूरा करते हैं:
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कम से कम 40% दिव्यांगता (Orthopedic/Locomotor disability मुख्य रूप से)
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आवेदक भारतीय नागरिक होना चाहिए
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कुछ राज्यों में — राज्य का निवासी होना अनिवार्य
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आवेदक के नाम पर ड्राइविंग लाइसेंस (जहाँ आवश्यक हो)
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आवेदक पहले से इसी प्रकार की सरकारी सहायता न ले चुका हो
- 18 से 50 साल की उम्र के बीच का दिव्यांग व्यक्ति।
सहायता की राशि (Subsidy Amount)
राज्य के अनुसार सहायता राशि अलग-अलग हो सकती है। सामान्यतः
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₹20,000 – ₹25,000 तक की वित्तीय सहायता
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इलेक्ट्रिक स्कूटर खरीदने पर कई राज्यों में विशेष सब्सिडी
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कुछ योजनाओं में Modified Scooter पर अतिरिक्त अनुदान
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GST रियायत भी उपलब्ध (40%+ दिव्यांगता पर विशेष छूट मिलती है)
आवश्यक दस्तावेज (Documents Required)
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दिव्यांगता प्रमाण पत्र (UDID कार्ड हो तो बेहतर)
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आधार कार्ड
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निवास प्रमाण पत्र
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बैंक पासबुक
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पासपोर्ट साइज फोटो
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वाहन का कोटेशन
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ड्राइविंग लाइसेंस (जहाँ आवश्यक हो)
आवेदन कैसे करें? (Apply Online/Offline)
राज्य के अनुसार आवेदन प्रक्रिया अलग-अलग होती है। अधिकतर राज्यों में आवेदन ऐसे किया जाता है:
ऑनलाइन आवेदन
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अपने राज्य की सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग की वेबसाइट पर जाएँ
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“दिव्यांग योजना” या “Two-Wheeler Assistance Scheme” खोजें
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ऑनलाइन आवेदन फॉर्म भरें
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सभी दस्तावेज अपलोड करें
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सबमिट करके आवेदन की स्थिति ट्रैक करें
ऑफलाइन आवेदन
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नजदीकी जिला सामाजिक न्याय कार्यालय में संपर्क करें
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आवेदन फार्म प्राप्त करें
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दस्तावेजों के साथ जमा करें
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अधिकारी द्वारा सत्यापन के बाद सहायता राशि सीधे बैंक खाते में भेजी जाती है
योजना का लाभ कैसे मिलता है?
(Two-Wheeler Assistance Scheme) योजना का लाभ दो तरीकों से मिलता है:
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पहले स्कूटर खरीदें, बाद में सब्सिडी मिलती है
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या कुछ राज्यों में — सरकार द्वारा सीधे वाहन डीलर को राशि भेजी जाती है
योजना के फायदे
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दिव्यांग व्यक्ति की स्वतंत्रता बढ़ती है
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यात्रा आसान और समय की बचत
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नौकरी, शिक्षा, व्यवसाय में मदद
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इलेक्ट्रिक स्कूटर पर पर्यावरण अनुकूल विकल्प

निष्कर्ष
विकलांग Two-Wheeler Assistance Scheme दिव्यांग व्यक्तियों को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में एक शानदार कदम है। सही दस्तावेज और प्रक्रिया के साथ कोई भी पात्र व्यक्ति इस योजना का लाभ आसानी से प्राप्त कर सकता है। यदि आपके घर में कोई दिव्यांग व्यक्ति है या आप स्वयं इस योजना के पात्र हैं, तो अवश्य आवेदन करें।