
“Shramyogi Shikshan Sahay Yojana श्रमिक परिवारों के बच्चों को शिक्षा के लिए आर्थिक सहायता प्रदान करती है। योजना के लाभ, पात्रता, दस्तावेज और आवेदन प्रक्रिया की पूरी जानकारी जानें।”
भारत के(Shramyogi Shikshan Sahay Yojana) निर्माण, विकास और उन्नति में सबसे महत्वपूर्ण योगदान देने वाले लोगों में श्रमिक वर्ग का नाम सबसे पहले आता है। चाहे सड़क निर्माण हो, इमारतों का निर्माण, कृषि कार्य, फर्नीचर वर्क, इलेक्ट्रिकल वर्क या किसी भी उद्योग में मजदूरी—देश का विकास श्रमिकों के कठोर परिश्रम के बिना संभव ही नहीं। लेकिन दुख की बात यह है कि यही श्रमिक वर्ग आर्थिक रूप से कमजोर होने के कारण अपने बच्चों की शिक्षा पर पर्याप्त खर्च नहीं कर पाता।
इसी समस्या को समझते हुए सरकार ने “श्रमीयोगी शिक्षण सहायता योजना (Shramyogi Shikshan Sahay Yojana)” शुरू की, जिसका उद्देश्य आर्थिक रूप से कमजोर श्रमिक परिवारों के बच्चों को उनकी पढ़ाई में आर्थिक मदद प्रदान करना है। यह योजना खासकर उन श्रमिकों के लिए है जो निर्माण श्रमिक बोर्ड (BOCW Board) में पंजीकृत होते हैं। इस योजना के तहत बच्चों को कक्षा प्रथम से लेकर उच्च शिक्षा तक सहायता मिलती है।
श्रमीयोगी शिक्षण सहायता योजना क्या है?
Shramyogi Shikshan Sahay Yojana एक सरकारी योजना है जो उन श्रमिक परिवारों को शैक्षणिक आर्थिक सहायता प्रदान करती है, जो किसी भी राज्य के निर्माण श्रमिक कल्याण बोर्ड (Building & Other Construction Workers Welfare Board – BOCW Board) में पंजीकृत हैं।
योजना (Shramyogi Shikshan Sahay Yojana)का मुख्य उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि:
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श्रमिकों के बच्चे भी गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्राप्त करें
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आर्थिक तंगी के कारण उनकी पढ़ाई बीच में न रुके
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बच्चों में पढ़ाई के प्रति प्रेरणा बढ़े
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उच्च शिक्षा (Diploma, Graduation, Post-Graduation, Professional Courses) तक उन्हें सहायता मिले
योजना के तहत श्रमिकों के बच्चों को कक्षा 1 से लेकर उच्च शिक्षा तक विभिन्न श्रेणियों के अनुसार वार्षिक आर्थिक सहायता दी जाती है।
यह योजना(Shramyogi Shikshan Sahay Yojana) लगभग सभी राज्यों में लागू है, हालांकि सहायता राशि अलग-अलग राज्यों में भिन्न हो सकती है।
श्रमीयोगी शिक्षण सहायता योजना के उद्देश्य
इस योजना (Shramyogi Shikshan Sahay Yojana)के पीछे सरकार की कुछ मुख्य मंशाएँ हैं:
(1) श्रमिक परिवारों को शिक्षा के क्षेत्र में समर्थन देना
श्रमिक अक्सर आर्थिक तंगी के कारण बच्चों को शिक्षा उपलब्ध नहीं करा पाते। यह योजना ऐसे परिवारों को बड़ी राहत देती है।
(2) बच्चों की पढ़ाई को जारी रखने के लिए प्रोत्साहन देना
कई बच्चे आर्थिक कारणों से बीच में ही स्कूल छोड़ देते हैं। यह योजना उस स्थिति को रोकने में मदद करती है।
(3) उच्च शिक्षा तक पहुँच सुनिश्चित करना
Professional courses जैसे Engineering, Medical, Nursing, ITI, Polytechnic, B.Ed आदि महंगे होते हैं। योजना का उद्देश्य इन कोर्सों को श्रमिक परिवारों के लिए सुलभ बनाना है।
(4) समाज में असमानता को कम करना
शिक्षा समाज में समान अवसर प्रदान करती है। यह योजना श्रमिकों के बच्चों को भी अन्य बच्चों की तरह अवसर देती है।
श्रमीयोगी शिक्षण सहायता योजना के लाभ (Benefits)
योजना(Shramyogi Shikshan Sahay Yojana) के कई महत्वपूर्ण लाभ हैं:
1. आर्थिक सहायता सीधे बैंक खाते में
लाभार्थी के बैंक खाते में DBT (Direct Benefit Transfer) के माध्यम से राशि भेजी जाती है।
2. हर कक्षा के अनुसार अलग सहायता राशि
कक्षा 1 से 12 तक, और आगे कॉलेज/विश्वविद्यालय तक अलग-अलग स्लैब हैं।
3. लड़कियों के लिए विशेष प्रोत्साहन
कई राज्यों में लड़कियों को अधिक राशि मिलती है, ताकि बालिका शिक्षा को बढ़ावा दिया जा सके।
4. आसान ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया
अब अधिकांश राज्यों में BOCW Board की वेबसाइट से ही ऑनलाइन आवेदन किया जा सकता है।
5. वार्षिक सहायता (साल में एक बार)
हर वर्ष बच्चों की पढ़ाई जारी रखने पर सहायता दी जाती है।

श्रमीयोगी शिक्षण सहायता योजना के तहत मिलने वाली राशि
राज्य के अनुसार रकम भिन्न हो सकती है, लेकिन औसतन यह सहायता कुछ इस प्रकार होती है:
| कक्षा/कोर्स | सहायता राशि (औसतन) |
|---|---|
| कक्षा 1–5 | ₹1,000 – ₹3,000 |
| कक्षा 6–8 | ₹2,000 – ₹4,000 |
| कक्षा 9–10 | ₹3,000 – ₹6,000 |
| कक्षा 11–12 | ₹4,000 – ₹7,000 |
| ITI/Polytechnic | ₹6,000 – ₹12,000 |
| Graduation (BA/BSc/BCom) | ₹6,000 – ₹12,000 |
| Professional Courses (B.Tech, B.Ed, Nursing आदि) | ₹15,000 – ₹25,000 |
| Medical/Engineering | ₹30,000 – ₹40,000 या अधिक |
कुछ राज्यों में लड़कियों को अतिरिक्त राशि दी जाती है।
श्रमीयोगी शिक्षण सहायता योजना के लिए आवश्यक दस्तावेज
आवेदन करते समय आपको निम्न दस्तावेज प्रस्तुत करने होते हैं:
- श्रमिक का BOCW बोर्ड पंजीकरण कार्ड
- आधार कार्ड (श्रमिक और बच्चे दोनों का)
- बैंक पासबुक की कॉपी
- बच्चे का स्कूल/कॉलेज आईडी कार्ड
- वर्तमान वर्ष का प्रवेश प्रमाण पत्र
- फीस रसीद
- पासपोर्ट साइज फोटो
- आय प्रमाण पत्र (यदि आवश्यक हो)
- मोबाइल नंबर
श्रमीयोगी शिक्षण सहायता योजना का ऑनलाइन आवेदन कैसे करें?
अधिकांश राज्यों में आवेदन (Shramyogi Shikshan Sahay Yojana) पूरी तरह ऑनलाइन है। आवेदन की प्रक्रिया इस प्रकार है:
स्टेप 1: अपने राज्य के BOCW Welfare Board की वेबसाइट खोलें
स्टेप 2: ‘शिक्षा सहायता योजना’ पर क्लिक करें
स्टेप 3: लॉगिन या नया पंजीकरण करें
स्टेप 4: आवेदन फॉर्म भरें
श्रमिक की जानकारी
बच्चे की जानकारी
स्कूल की जानकारी
बैंक विवरण
स्टेप 5: आवश्यक दस्तावेज अपलोड करें
स्टेप 6: सबमिट करें और आवेदन का प्रिंट निकालें
स्टेप 7: सत्यापन के बाद राशि बैंक खाते में आएगी
स्टेप 8:ऑफलाइन आवेदन कैसे करें?
यदि ऑनलाइन प्रक्रिया उपलब्ध नहीं है, तो:
नजदीकी श्रम कार्यालय (Labour Office) जाएँ
BOCW बोर्ड से योजना का फॉर्म लें
फॉर्म भरें
दस्तावेज संलग्न करें
अधिकारी के समक्ष जमा करें
30–60 दिन में राशि खाते में आ जाती है
श्रमीयोगी शिक्षण सहायता योजना से जुड़े नियम
1. बच्चे की उपस्थिति आवश्यक
कुछ राज्यों में 75% उपस्थिति अनिवार्य होती है।
2. वर्ष में केवल एक बार सहायता
हर शैक्षणिक वर्ष में एक बार मिलती है।
3. गलत जानकारी देने पर आवेदन रद्द
गलत दस्तावेज लगाना, गलत क्लेम करना अपराध है।
4. अधिकतम बच्चों की सीमा
कुछ राज्यों में अधिकतम 2 बच्चों तक सहायता मिलती है।
योजना के फायदे
- शिक्षा का स्तर बेहतर होता है
- श्रमिक परिवार बोझ मुक्त होता है
- बच्चों में पढ़ाई की प्रेरणा बढ़ती है
- समाज में समान अवसर बढ़ते हैं
- बालिका शिक्षा को प्रोत्साहन मिलता है
प्रश्न (FAQ)
Q1. क्या श्रमिक का पंजीकरण जरूरी है?
Ans:हाँ, BOCW बोर्ड में पंजीकरण अनिवार्य है।
Q2. क्या निजी स्कूलों में पढ़ने वाले छात्र भी लाभ ले सकते हैं?
Ans:हाँ, बस स्कूल मान्यता प्राप्त होना चाहिए।
Q3. क्या कॉलेज के छात्रों को भी लाभ मिलता है?
Ans:हाँ, ग्रेजुएशन, पोस्ट ग्रेजुएशन और प्रोफेशनल कोर्स सभी कवर हैं।
Q4. क्या लड़कियों को अधिक राशि मिलती है?
Ans:कई राज्यों में हाँ, लड़कियों को अतिरिक्त प्रोत्साहन मिलता है।
Q5. आवेदन कितनी बार करना होता है?
Ans:हर शैक्षणिक वर्ष में एक बार।
Q6. राशि कब मिलती है?
Ans:सत्यापन के बाद 30–90 दिनों में DBT के माध्यम से बैंक खाते में।

निष्कर्ष
श्रमिक भारत की रीढ़ हैं। उनके बच्चों को शिक्षा का समान अवसर प्रदान करना सरकार का कर्तव्य है।
(Shramyogi Shikshan Sahay Yojana) न केवल श्रमिकों के आर्थिक बोझ को कम करती है बल्कि बच्चों को एक उज्ज्वल भविष्य प्रदान करती है।
यह योजना:(Shramyogi Shikshan Sahay Yojana)
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गरीबी कम करती है
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बच्चों को शिक्षित बनाती है
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समाज को मजबूत करती है
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श्रमिकों में आशा जगाती है
यदि आप स्वयं श्रमिक वर्ग से हैं या किसी ऐसे परिवार को जानते हैं, तो इस योजना (Shramyogi Shikshan Sahay Yojana) की जानकारी जरूर साझा करें।