
क्या आपने कभी गौर किया है कि कुछ बच्चे किसी मुश्किल सवाल के सामने आते ही हार मान लेते हैं और कहते हैं, “मैं यह नहीं कर सकता”? वहीं, दूसरे बच्चे उसी सवाल को एक अच्छी चुनौती की तरह लेते हैं और कोशिश करते रहते हैं। यह फर्क दिखाता है कि बच्चे की सोच कैसी है। जो बच्चा हार मान लेता है, उसकी सोच एक तयशुदा या ‘फिक्स्ड माइंडसेट’ वाली हो सकती है। यानी उसे लगता है कि वह जितना जानता है, बस उतना ही है, आगे सीखा नहीं जा सकता। लेकिन जो बच्चा कोशिश करता रहता है, उसकी सोच बढ़ने वाली या ‘Growth Mindset‘ वाली होती है। उसे यकीन होता है कि मेहनत और अभ्यास से वह कुछ भी सीख सकता है और अपनी काबिलियत बढ़ा सकता है। हम आपको बताएंगे कि आप अपने विद्यार्थियों में इस Growth Mindset को कैसे विकसित कर सकते हैं, ताकि वे हर मुश्किल का सामना बहादुरी से कर सकें और जीवन भर सीखते रहें।
What is a growth mindset (ग्रोथ माइंडसेट क्या है?)
सोचने का एक तरीका है जो कहता है, “मैं अभी नहीं कर सकता, लेकिन मेहनत से मैं कर सकता हूँ!”
इसका मतलब है कि तुम्हारी सोच, तुम्हारी ताकत और तुम्हारी काबिलियत एक बीज की तरह है। अगर तुम उसे पानी दो, धूप दो और देखभाल करो, तो वह बढ़कर एक बड़ा पेड़ बन सकता है।
ग्रोथ माइंडसेट वाले विद्यार्थी ऐसा सोचते हैं:
- “यह मुश्किल है, लेकिन मैं कोशिश करूँगा।”
- “मैंने गलती की है, इससे मैंने कुछ नया सीखा।”
- “दूसरों की सफलता मुझे प्रेरणा देती है।”
Why is a growth mindset important for students (विद्यार्थियों के लिए ग्रोथ माइंडसेट क्यों महत्वपूर्ण)
सोचो, तुम्हारा दिमाग एक छोटे-से बीज की तरह है। अगर तुम उसे पानी दोगे, धूप दोगो और उसकी देखभाल करोगे, तो वह एक बड़ा और मजबूत पेड़ बन सकता है। Growth Mindset यही सोच है – यह मानना कि तुम्हारी सोच और काबिलियत मेहनत और अभ्यास से बढ़ सकती है।
अब सवाल यह है कि विद्यार्थियों के लिए ग्रोथ माइंडसेट इतना खास क्यों है? आइए इसे सरल उदाहरणों से समझते हैं।
- गलतियाँ डरावनी नहीं, सीखने का जरिया बन जाती हैं
- फिक्स्ड माइंडसेट: “मैंने गणित का यह सवाल गलत कर दिया। मैं इसके लायक नहीं हूँ।”
- ग्रोथ माइंडसेट: “मैंने इस सवाल को गलत किया है। इससे मुझे पता चला कि मैं कहाँ गलती कर रहा हूँ। अगली बार मैं इसे सही कर लूँगा।”
क्यों ज़रूरी है? जब तुम गलतियों से डरोगे नहीं, बल्कि उनसे सीखोगे, तो तुम्हारा आत्मविश्वास बढ़ेगा और तुम नई-नई चीजें आजमाने से नहीं घबराओगे।
- मुश्किल चुनौतियाँ ‘रोमांच’ लगने लगती हैं
- फिक्स्ड माइंडसेट: “यह सवाल बहुत कठिन है। मैं छोड़ देता हूँ।”
- ग्रोथ माइंडसेट: “वाह! यह सवाल तो मस्त चुनौती दे रहा है। आइए देखते हैं, मैं इसे कैसे हल कर सकता हूँ।”
क्यों ज़रूरी है? जीवन में हमेशा आसान सवाल नहीं आते। ग्रोथ माइंडसेट तुम्हें मुश्किलों का सामना करने की ताकत देता है, जैसे कोई सुपरहीरो!
- ‘हार’ नहीं, ‘अभी तक नहीं’ का महत्व समझ आता है
- फिक्स्ड माइंडसेट: “मैं अंग्रेजी में Speech नहीं दे सकता।”
- ग्रोथ माइंडसेट: “मैं अभी अंग्रेजी में confidently Speech नहीं दे सकता, लेकिन अभ्यास करके मैं जरूर सीख जाऊँगा।”
क्यों ज़रूरी है? यह छोटा सा शब्द ‘अभी तक’ तुम्हारी सोच में जादू कर देता है। यह तुम्हें बताता है कि सफलता रास्ते में है, बस तुम्हें थोड़ा और चलना है।
- दूसरों की सफलता से ईर्ष्या नहीं, प्रेरणा मिलती है
- फिक्स्ड माइंडसेट: “राहुल को मेरे से ज्यादा अंक मिले। वह मेरे से होशियार है।”
- ग्रोथ माइंडसेट: “वाह! राहुल को इतने अच्छे अंक मिले! मैं उससे पूछूंगा कि उसने कैसे पढ़ाई की, ताकि मैं भी सीख सकूँ।”
क्यों ज़रूरी है? इससे तुम दोस्तों के साथ अच्छे रिश्ते बनाओगे और उनसे कुछ न कुछ सीखते रहोगे।

5 practical ways to develop a growth mindset in students (विद्यार्थियों में ग्रोथ माइंडसेट विकसित करने के 5 प्रैक्टिकल तरीके)
- ‘अभी तक’ का जादूई शब्द
अगर आप कहते हैं, “मैं यह सवाल हल नहीं कर सकता,” तो यह सोच बंद कर देती है। लेकिन अगर आप कहें, “मैं यह सवाल अभी तक हल नहीं कर सकता,” तो यह सोच खुल जाती है। ‘अभी तक’ शब्द यह बताता है कि आप अभी सीख रहे हैं और एक दिन यह काम जरूर कर लेंगे।
- कैसे करें? जब भी कोई काम मुश्किल लगे, अपनी बात के अंत में “अभी तक” जरूर लगाएं।
- कोशिश की तारीफ करो, नतीजे की नहीं
अक्सर हम सिर्फ अच्छे नंबर या जीत की तारीफ करते हैं। लेकिन ग्रोथ माइंडसेट में असली जीत तो आपकी मेहनत और कोशिश है।
- कैसे करें?
- “तुमने इतनी मेहनत की, मैं तुम्हारी इस लगन से बहुत खुश हूँ।”
- “तुमने गलती से हार नहीं मानी, यही तो असली सफलता है।”
- गलतियाँ हैं ‘सीख का राज’
गलती होना बुरी बात नहीं है। असल में, गलतियाँ हमारी सबसे अच्छी शिक्षक होती हैं। वे हमें बताती हैं कि अगली बार क्या अलग तरीके से करना है।
- कैसे करें? जब कोई गलती हो, तो खुद से पूछो:
- “मैंने इस गलती से क्या सीखा?”
- “अगली बार मैं इसे और बेहतर कैसे कर सकता हूँ?”
- दिमाग है एक सुपरहीरो
आपका दिमाग एक जादुई मांसपेशी की तरह है। जब भी आप कोई नई चीज सीखते हो, कोई मुश्किल सवल हल करते हो, तो आपके दिमाग की ताकत बढ़ती है। जितना ज्यादा आप इसे इस्तेमाल करोगे, यह उतना ही तेज और चुस्त होता जाएगा।
- कैसे करें? याद रखो, “मैं नहीं कर सकता” का मतलब है “मैंने अभी तक अपने दिमाग को इतनी मजबूत नहीं बनाया है।”
- चुनौतियों को ‘गेम लेवल’ समझो
आसान गेम खेलने में कोई मजा नहीं आता। ठीक वैसे ही, आसान काम करने से हमारा विकास नहीं होता। विद्यार्थियों में ग्रोथ माइंडसेट लाने के लिए उन चुनौतियों का सामना करो जो थोड़ी कठिन लगें। इन्हें गेम के अगले लेवल की तरह देखो।
- कैसे करें? कोई नया हॉबी सीखो, एक नई भाषा बोलने की कोशिश करो, या गणित के उस सवाल को हल करने की कोशिश करो जो थोड़ा डरावना लगता है।
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Growth mindset activities in the classroom and at home (कक्षा और घर में ग्रोथ माइंडसेट एक्टिविटीज)
- “अभी तक” का पेड़ (The “Yet” Tree)
- एक चार्ट पेपर पर एक बड़ा सा पेड़ बनाओ।
- जब कोई छात्र “मैं यह नहीं कर सकता” कहे, तो उसे एक पत्ती पर लिखकर पेड़ पर चिपका दें।
- फिर, उस वाक्य को “मैं यह अभी तक नहीं कर सकता” में बदलकर एक नई पत्ती पर लिखें और पेड़ पर लगा दें।
- इससे पूरी कक्षा देखेगी कि “अभी तक” शब्द कितनी शक्ति रखता है!
- गलतियाँ = सीख (Mistake of the Week)
- हफ्ते में एक बार, कक्षा में एक बॉक्स रखें जहाँ छात्र अपनी सबसे बड़ी गलती या चुनौती लिखकर डाल सकें (बिना नाम के)।
- हफ्ते के अंत में, कुछ चुनौतियाँ पढ़ें और पूरी क्लास से मिलकर उससे सीखने वाली बात पर चर्चा करें।
- इससे पता चलेगा कि गलतियाँ हमें आगे बढ़ने में मदद करती हैं।
- “मैं सीख रहा हूँ…” वाली दीवार (“I am learning…” Wall)
- दीवार पर एक अच्छा-सा चार्ट लगाएँ।
- छात्र उस पर पोस्ट-इट नोट्स चिपकाएँ, जिन पर वे लिखें: “मैं अभी… सीख रहा हूँ” (जैसे, “मैं अभी लंबा भाग देने का अभ्यास कर रहा हूँ”)।
- इससे यह दिखेगा कि सीखना एक लगातार चलने वाली प्रक्रिया है।

FAQs for Develop a Growth Mindset in Students (अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न)
- ग्रोथ माइंडसेट क्या है? (What is a Growth Mindset?)
- Answer: Growth Mindset यह मान्यता है कि बुद्धिमत्ता, क्षमताएं और प्रतिभा परिश्रम, अच्छी रणनीतियों और दूसरों के मार्गदर्शन से विकसित की जा सकती हैं। इसके विपरीत, एक फिक्स्ड माइंडसेट यह मानता है कि ये गुण जन्मजात और स्थिर होते हैं। विद्यार्थियों में ग्रोथ माइंडसेट विकसित करने का पहला कदम इस बुनियादी अवधारणा को समझना है।
- विद्यार्थियों में ग्रोथ माइंडसेट क्यों महत्वपूर्ण है? (Why is a Growth Mindset important for students?)
- Answer: विद्यार्थियों के लिए ग्रोथ माइंडसेट इसलिए अत्यंत महत्वपूर्ण है क्योंकि यह उन्हें चुनौतियों का सामना करने का साहस देता है, असफलता से निपटने की क्षमता विकसित करता है, और सीखने की निरंतर ललक पैदा करता है। यह उनमें लचीलापन (Resilience) पैदा करके उन्हें केवल अंकों के लिए नहीं, बल्कि ज्ञान के लिए सीखने को प्रेरित करता है।
- ग्रोथ माइंडसेट विकसित करने के लिए सबसे प्रभावी तरीका क्या है? (What is the most effective way to develop a Growth Mindset?)
- Answer: ग्रोथ माइंडसेट विकसित करने का एक सबसे प्रभावी तरीका “अभी तक” शब्द का उपयोग करना है। जब एक विद्यार्थी कहता है, “मैं यह नहीं कर सकता,” तो उसे “मैं यह अभी तक नहीं कर सकता” कहने के लिए प्रोत्साहित करें। यह छोटा सा शब्द यह दर्शाता है कि सफलता समय और प्रयास के साथ संभव है।
- शिक्षक विद्यार्थियों में ग्रोथ माइंडसेट कैसे विकसित कर सकते हैं? (How can teachers develop a Growth Mindset in students?)
- Answer: शिक्षक विद्यार्थियों में ग्रोथ माइंडसेट विकसित करने के लिए निम्नलिखित उपाय अपना सकते हैं: प्रयास और रणनीति की प्रशंसा करें (जैसे, “तुम्हारा धैर्य बहुत अच्छा है”), गलतियों को सीखने के अवसर के रूप में पेश करें, चुनौतीपूर्ण लेकिन प्राप्त करने योग्य लक्ष्य निर्धारित करें, और कक्षा में ग्रोथ माइंडसेट से जुड़ी गतिविधियाँ आयोजित करें।
- अभिभावक घर पर बच्चे में ग्रोथ माइंडसेट कैसे बढ़ावा दे सकते हैं? (How can parents promote a Growth Mindset at home?)
- Answer: अभिभावक घर पर ग्रोथ माइंडसेट को बढ़ावा देने के लिए खुद एक रोल मॉडल बनें और अपनी गलतियों से सीखने की बात बच्चों के सामने रखें। बच्चे की बुद्धिमत्ता की बजाय उसके प्रयास और कड़ी मेहनत की सराहना करें। उनकी तुलना दूसरे बच्चों से न करें और उन्हें नई चीजें सीखने के लिए प्रेरित करें, भले ही शुरुआत में वे उसमें सहज न हों।
- क्या ग्रोथ माइंडसेट सिर्फ पढ़ाई तक सीमित है? (Is a Growth Mindset limited only to studies?)
- Answer: बिल्कुल नहीं। ग्रोथ माइंडसेट सिर्फ पढ़ाई या एकेडमिक्स तक सीमित नहीं है। यह एक जीवन दर्शन है जिसे खेल, कला, संगीत, सामाजिक संबंध, और जीवन के हर क्षेत्र में लागू किया जा सकता है। यह बच्चों को यह समझने में मदद करता है कि कोई भी नई skill अभ्यास और समर्पण से सीखी जा सकती है।
- ग्रोथ माइंडसेट विकसित होने में कितना समय लगता है? (How long does it take to develop a Growth Mindset?)
- Answer: ग्रोथ माइंडसेट कोई ऐसी चीज नहीं है जो रातों-रात विकसित हो जाए। यह एक निरंतर चलने वाली प्रक्रिया और मानसिक आदत है। लगातार अभ्यास, सही वातावरण और सकारात्मक reinforcement के साथ, विद्यार्थी धीरे-धीरे चुनौतियों और असफलताओं के प्रति अपनी सोच बदलते हैं। इसमें हफ्तों या महीनों का समय लग सकता है, इसलिए धैर्य रखना जरूरी है।
Conclusion (निष्कर्ष)
दोस्तों, Growth Mindset कोई जादू की छड़ी नहीं है जो रातों-रात सब कुछ बदल दे। यह तो एक सुपरपावर की तरह है, जिसे आप धीरे-धीरे प्रैक्टिस करके मजबूत बनाते हो। जिस तरह एक छोटा पौधा रोज पानी पाकर बड़ा पेड़ बनता है, उसी तरह ग्रोथ माइंडसेट भी रोज थोड़ी कोशिश से आपकी आदत बन सकती है। यही ग्रोथ माइंडसेट है।

